“रावलपिंडी की पिच लेकर नहीं घूम सकते” – पूर्व तेज़ गेंदबाज़ की खिलाड़ियों को कड़ी फटकार
त्रिनिदाद के तारौबा में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में वेस्टइंडीज़ के हाथों 202 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जमकर आलोचना हो रही है। इस शर्मनाक हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने कप्तान मोहम्मद रिज़वान और उनकी टीम पर निशाना साधते हुए कहा है कि खिलाड़ी केवल अपने घरेलू पिच की परिस्थितियों में ही खेल पाते हैं।
ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज़ की टीम ने शाई होप के नाबाद शतक (120 रन) की बदौलत 294 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान की टीम केवल 92 रनों पर ढेर हो गई, जिसमें पांच खिलाड़ी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। जेडन सील्स ने छह विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों को परेशान कर दिया। यह हार वेस्टइंडीज़ के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण थी क्योंकि उन्होंने 1991 के बाद पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ़ कोई द्विपक्षीय श्रृंखला जीती है।
इस प्रदर्शन से नाराज़ शोएब अख़्तर ने ‘गेम ऑन है’ शो में कहा, “हमारे पास पहले अभिव्यक्त और विस्फोटक प्रतिभा होती थी, और हम उसी तरह खेलते थे। हम कभी भी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहते थे – सभी अपना योगदान देते थे। कोई भी बचने का रास्ता नहीं तलाशता था।” पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ने आगे कहा कि पिछले 10-15 सालों में माहौल बदल गया है और अब हर कोई अपने लिए खेलने लगा है। उनका मानना है कि खिलाड़ी अपनी औसत बनाए रखने के लिए खेल रहे हैं, न कि देश के लिए जीत हासिल करने के लिए।
शोएब अख़्तर की सबसे तीखी टिप्पणी पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों की घरेलू परिस्थितियों पर निर्भरता को लेकर थी। उन्होंने कहा, “हल्का सा सीम होता है तो मुसीबत पड़ जाती है। रावलपिंडी की पिच लेकर नहीं घूम सकते।” यह बयान इस तथ्य पर आधारित है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी अपने घरेलू पिचों पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में संघर्ष करते दिखाई देते हैं। रावलपिंडी की पिच आमतौर पर बल्लेबाज़ों के अनुकूल होती है और गेंदबाज़ों को ज़्यादा सहायता नहीं मिलती।
इस हार में पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद रिज़वान भी शून्य पर आउट हो गए, जबकि स्टार बल्लेबाज़ बाबर आज़म केवल नौ रन बना सके। यह प्रदर्शन उस टीम के लिए शर्मनाक था जिसे दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों में गिना जाता है। शोएब अख़्तर ने मानसिकता बदलने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक क्रिकेट के अनुसार खेलना होगा।
वेस्टइंडीज़ के लिए यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी। शाई होप का यह 18वां एकदिवसीय शतक था, जिससे वह वेस्टइंडीज़ के पूर्व महान डेसमंड हेन्स (17 शतक) को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए। उनसे आगे केवल क्रिस गेल (25 शतक) और ब्रायन लारा (19 शतक) हैं। होप के इस प्रदर्शन ने न केवल वेस्टइंडीज़ को जीत दिलाई बल्कि उन्हें व्यक्तिगत उपलब्धि भी दिलाई।
यह हार पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए गंभीर चिंता का विषय है, खासकर तब जब 2025 में कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट आने वाले हैं। शोएब अख़्तर जैसे पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना यह दर्शाती है कि पाकिस्तानी क्रिकेट में संरचनात्मक समस्याएं हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। टीम प्रबंधन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ी विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और केवल घरेलू फ़ायदों पर निर्भर न रहें।





