हिमाचल में मानसून की तबाही अब तक की सबसे भीषण देखी जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश से 455 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और बिजली व पानी की सेवाओं में व्यापक व्यवधान आया है।
हिमाचल में मानसून की तबाही हाइलाइट्स:
- मृत्यु संख्या: 247 लोगों की जान गई (130 बारिश संबंधी + 117 सड़क दुर्घटनाएं)
- घायल: 329 लोग घायल
- सड़क बंदी: 458 सड़कें बंद (3 नेशनल हाईवे सहित)
- समयावधि: 20 जून से 14 अगस्त 2025 तक
- सबसे प्रभावित: कुल्लू, मंडी और शिमला जिले
मृत्यु और हताहत की स्थिति
कुल जान-माल का नुकसान:
राज्य सरकार के राजस्व विभाग की संचयी क्षति रिपोर्ट के अनुसार:
मृत्यु का विवरण:
- कुल मौतें: 247
- बारिश संबंधी: 130 मौतें
- सड़क दुर्घटनाओं में: 117 मौतें
- कुल घायल: 329 लोग
जिलेवार मृत्यु संख्या (बारिश संबंधी):
- कांगड़ा: 28 मौतें (सर्वाधिक)
- मंडी: 26 मौतें
- हमीरपुर: 13 मौतें
मृत्यु के कारण (बारिश संबंधी):
- डूबने से: 24 मौतें
- चट्टानों/पेड़ों से गिरने से: 27 मौतें
- भूस्खलन से: 7 मौतें
सड़क परिवहन की स्थिति
HPSDMA की शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 458 सड़कें अवरुद्ध हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित:
- NH-305: कुल्लू में झेड़ (खनाग) में भूस्खलन से बंद
- NH-05: यातायात बाधित
- NH-707: अवरुद्ध
जिलेवार सड़क बंदी:
- कुल्लू: 73 सड़कें बंद (सर्वाधिक प्रभावित)
- मंडी: 58 सड़कें बंद
- शिमला: 58 सड़कें बंद
मंडी जिले में 214 सड़कें और कुल्लू में 92 सड़कें रविवार को बंद थीं।
विद्युत आपूर्ति में व्यवधान
ट्रांसफार्मर की क्षति:
- कुल प्रभावित DTR: 681 वितरण ट्रांसफार्मर
- कुल्लू में: 145 DTR बाधित (सर्वाधिक)
- शिमला में: 63 DTR बाधित
व्यवधान के कारण:
- अचानक आई बाढ़
- टूटी हुई बिजली लाइनें
- गिरे हुए पेड़
जल आपूर्ति योजनाओं पर प्रभाव
प्रभावित जलापूर्ति योजनाएं:
- कुल प्रभावित: 182 जलापूर्ति योजनाएं
- मंडी: 58 योजनाएं (सर्वाधिक प्रभावित)
- कांगड़ा: 41 योजनाएं
- शिमला: 41 योजनाएं
हिमाचल में मानसून की तबाही के आंकड़े और नुकसान
मानसून सीजन (20 जून – 14 अगस्त 2025):
मानसून सीजन में हिमाचल में मानसून की तबाही से 58 flash flood incidents, 30 cloudbursts, और 54 बड़े भूस्खलन की घटनाएं दर्ज हुईं।
आर्थिक नुकसान:
बारिश संबंधी आपदाओं से राज्य का अनुमानित नुकसान ₹2,007 करोड़ पार कर गया है।
हिमाचल में मानसून की तबाही: सड़क दुर्घटनाओं में मौतें
जिलेवार सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु:
- मंडी: 21 मौतें
- चंबा: 17 मौतें
- शिमला: 15 मौतें
हाल की दुर्घटनाएं:
- चंबा में: चनवास इलाके में 6 लोगों की कार दुर्घटना में मौत
- कांगड़ा में: पंजाब के 4 तीर्थयात्रियों की मौत, 20 से अधिक घायल
वर्तमान मौसमी स्थिति
IMD की चेतावनी:
- येलो अलर्ट: कुछ स्थानों पर भारी बारिश
- ऑरेंज अलर्ट: चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
- मौसम विभाग: मानसून सक्रिय बना हुआ है
हिमाचल में मानसून की तबाही से प्रभावित क्षेत्र:
- राजधानी शिमला में भारी बारिश
- किन्नौर में: flash flood से पुल बह गया, एक घायल
आपदा प्रबंधन की तैयारी
HPSDMA की निगरानी:
22 स्थानों पर भूस्खलन निगरानी रिपोर्ट – मंडी, कांगड़ा, शिमला और सोलन जिलों में
आपातकालीन सेवाएं:
- State Emergency Operation Centre (SEOC) सक्रिय
- होम गार्ड और पुलिस: राहत कार्यों में लगे
- स्थानीय प्रशासन: 24×7 अलर्ट मोड में
सरकारी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू:
CM ने चंबा की दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा: “6 लोगों की मौत की खबर अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।”
राहत के निर्देश:
- प्रभावित परिवारों को सभी संभावित सहायता
- जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के आदेश
भविष्य की चुनौतियां
जोखिम विश्लेषण:
हाल की भू-स्थानीय अध्ययन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश का 45% से अधिक हिस्सा भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन के लिए अत्यधिक संवेदनशील है।
आपदा तैयारी की आवश्यकता:
- बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली
- आपातकालीन निकासी योजनाएं
- इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूतीकरण
हिमाचल में मानसून की तबाही: तत्काल सहायता और राहत
नागरिकों के लिए सलाह:
- यात्रा न करें: जब तक आवश्यक न हो
- सड़क स्थिति: Aut-Sainj road (NH-305 का हिस्सा) वाहनों के लिए बंद
- आपातकालीन नंबर: SEOC से संपर्क बनाए रखें
पर्यटकों के लिए चेतावनी:
- तुरंत प्रभाव से: पहाड़ी इलाकों में यात्रा स्थगित करें
- होटल और रिसॉर्ट्स: सुरक्षित स्थानों पर रहें
हिमाचल प्रदेश इस समय अपने इतिहास की सबसे भीषण हिमाचल में मानसून की तबाही से जूझ रहा है। 247 जानों का नुकसान और व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षति राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती है।
तत्काल आवश्यकताएं:
- राहत और बचाव कार्य में तेजी
- आपातकालीन सेवाओं की बहाली
- दीर्घकालिक आपदा प्रबंधन रणनीति
सामुदायिक एकजुटता और सरकारी प्रयासों के साथ, हिमाचल प्रदेश इस कठिन समय से उबरने की दिशा में कार्य कर रहा है।