पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार को फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान एक विवादास्पद घटना हुई। एक पांच सितारा होटल में ट्रेलर का प्रदर्शन बीच में ही रोक दिया गया, जिसके बाद निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इसे “तानाशाही और फासीवाद” बताया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- कोलकाता में ‘बंगाल फाइल्स’ का ट्रेलर लॉन्च बीच में ही रोका गया
- निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया
- TMC और BJP के बीच राजनीतिक घमासान शुरू
- फिल्म 5 सितंबर को रिलीज होने वाली है
क्या हुआ था घटनाक्रम में?
शुक्रवार की घटना:
- मूल रूप से ट्रेलर लॉन्च एक प्रमुख मल्टीप्लेक्स में होना था
- अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम रद्द कर दिया गया
- फिल्म टीम ने होटल में आयोजन का फैसला किया
शनिवार का विवाद:
- होटल के बैंक्वेट हॉल में ट्रेलर लॉन्च शुरू हुआ
- बीच में ही पुलिस ने कार्यक्रम रोका
- निर्देशक और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई
निर्देशक के गंभीर आरोप
अग्निहोत्री ने मीडिया से कहा:
“सभी (मीडिया) कैमरों ने देखा है कि कैसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से मंजूर फिल्म का ट्रेलर रोका गया। हमारे पास सभी अनुमतियां थीं। यह एक निजी जगह (होटल बैंक्वेट) में दिखाया जा रहा था। यह अराजकता है, यह तानाशाही है, यह फासीवाद है।”
पुलिस पर आरोप:
- राजनीतिक दबाव के कारण ट्रेलर रोकने का आरोप
- फिल्मकार की आवाज दबाने की कोशिश का आरोप
- पुलिस अधिकारी ने सवालों का जवाब नहीं दिया
फिल्म की विशेषताएं
मुख्य जानकारी:
- रिलीज डेट: 5 सितंबर 2025
- विषय: डायरेक्ट एक्शन डे और 1946 के ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स
- निर्देशक: विवेक रंजन अग्निहोत्री
स्टार कास्ट:
- मिथुन चक्रवर्ती
- अनुपम खेर
- दर्शन कुमार
- पल्लवी जोशी
कानूनी लड़ाई जारी
पिछली घटनाएं:
- 5 अगस्त: अग्निहोत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उनके और फिल्म के खिलाफ कई FIR दर्ज कीं
- कलकत्ता हाई कोर्ट ने FIRs पर रोक लगाई
- निर्देशक ने X पर लिखा था: “मुझे चुप नहीं कराया जा सकता”
राजनीतिक घमासान शुरू
BJP का रुख:
सुकांत मजूमदार (केंद्रीय मंत्री और राज्य BJP अध्यक्ष) ने X पर लिखा:
“महान फिल्मकार सत्यजीत रे की भूमि में, पश्चिम बंगाल ने फिर से एक शर्मनाक घटना देखी है जो लोकतांत्रिक शिष्टाचार की हर सीमा को तोड़ती है।”
उन्होंने आगे कहा:
- यह “जंगल राज, अराजकता और तानाशाही अहंकार” का उदाहरण है
- पूरे देश ने देखा कि कैसे एक फिल्मकार और उसकी टीम का दिन-दहाड़े अपमान किया गया
TMC का जवाब:
देबांगशु भट्टाचार्य (TMC राज्य प्रवक्ता) ने कहा:
“पहले कश्मीर फाइल्स नाम की फिल्म आई थी और BJP वहां विधानसभा चुनाव हार गई। अब वे बंगाल फाइल्स बना रहे हैं। राज्य के लोग ऐसी फिल्मों में दिलचस्पी नहीं रखते।”
‘कश्मीर फाइल्स’ का विवाद
2022 में अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने भी व्यापक विवाद खड़ा किया था। इस फिल्म की तरह ‘बंगाल फाइल्स’ भी ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित है।
कानून व्यवस्था पर सवाल
मुख्य मुद्दे:
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल
- CBFC द्वारा मंजूर फिल्म के प्रदर्शन में बाधा
- राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप
- कानून व्यवस्था की भूमिका पर बहस
पुलिस की चुप्पी:
- मीराज खालिद (संयुक्त पुलिस आयुक्त) ने कॉल और संदेशों का जवाब नहीं दिया
- वरिष्ठ अधिकारी टिप्पणी से बचे
भविष्य की चुनौतियां
फिल्म रिलीज के लिए:
- 5 सितंबर की रिलीज डेट पर असर की संभावना
- अन्य राज्यों में प्रदर्शन की व्यवस्था
- सुरक्षा संबंधी चुनौतियां
राजनीतिक प्रभाव:
- TMC और BJP के बीच बढ़ता तनाव
- चुनावी राजनीति पर संभावित प्रभाव
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस
कोलकाता में ‘बंगाल फाइल्स’ ट्रेलर लॉन्च की यह घटना न केवल एक फिल्म विवाद है बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक हस्तक्षेप और कानून व्यवस्था के सवालों को भी उठाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का फिल्म की रिलीज और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।





