5 साल बाद वेबसाइट एक्सेस की खबरों के बीच केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण, चीनी ऐप की वापसी की उम्मीदों पर फिरा पानी
चीनी शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक की भारत में संभावित वापसी की अटकलों पर शुक्रवार को सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐप पर लगा प्रतिबंध अभी भी बरकरार है। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि “भारत सरकार ने टिकटॉक के लिए कोई अनब्लॉकिंग ऑर्डर जारी नहीं किया है।” यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें दावा किया गया था कि कुछ यूजर्स टिकटॉक की वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे हैं।
22 अगस्त को कई यूजर्स ने रिपोर्ट किया था कि वे टिकटॉक की वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं, हालांकि मोबाइल ऐप अभी भी गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ा बवाल मचा दिया और लोगों के बीच यह अटकल लगने लगी कि कहीं सरकार ने चुपचाप बैन हटा दिया है।
सरकारी सूत्रों ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि “कोई भी ऐसा बयान या न्यूज़ गलत और बेबुनियाद है।” अधिकारियों ने साफ किया कि टिकटॉक के साथ-साथ अन्य चीनी ऐप्स जैसे एलीएक्सप्रेस और शीइन पर भी प्रतिबंध बना हुआ है। हालांकि कुछ यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स की होमपेज खोल सकते थे, लेकिन पूरी फंक्शनैलिटी उपलब्ध नहीं थी।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बायटडांस के स्वामित्व वाली टिकटॉक की वेबसाइट अचानक से कुछ भारतीय यूजर्स के लिए एक्सेसिबल हो गई। हालांकि, न तो टिकटॉक और न ही इसकी पैरेंट कंपनी बायटडांस की तरफ से भारत में संभावित वापसी को लेकर कोई आधिकारिक बयान आया है। कुछ यूजर्स का कहना था कि वेबसाइट के कुछ सबपेज अभी भी उपलब्ध नहीं थे।
टिकटॉक पर प्रतिबंध 2020 में तब लगाया गया था जब भारत-चीन सीमा पर तनाव चरम पर था। गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था। उस समय टिकटॉक भारत में सबसे लोकप्रिय ऐप्स में से एक था और करोड़ों यूजर्स इसका इस्तेमाल करते थे।
वर्तमान में टिकटॉक दुनियाभर में कई देशों में प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। अमेरिका में भी इस ऐप को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं और सरकार ने डेटा सिक्यूरिटी के मुद्दों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भारत में भी सरकार का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर टिकटॉक को भारत में वापसी करनी है तो उसे डिजिटल इंडिया की नीतियों का पूरी तरह से पालन करना होगा। इसमें ऑपरेशनल बदलाव, नई कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसीज और क्षेत्रीय कानूनों का अनुपालन शामिल है। लेकिन फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं कि सरकार अपना रुख बदलने को तैयार है।
इस घटना से साफ हो जाता है कि सोशल मीडिया पर फैली अटकलों और वास्तविकता में काफी अंतर है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि टिकटॉक समेत अन्य चीनी ऐप्स पर लगा प्रतिबंध अभी भी बरकरार है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।





