JD(S) के पूर्व सांसद और HD देवगौड़ा के पोते को पहले रेप केस में गिल्टी घोषित किया गया – कल आएगी सजा
मुख्य हाइलाइट्स:
- दोषी करार: सभी आरोपों में प्रज्वल रेवन्ना गिल्टी
- सजा की सुनवाई: कल 2 अगस्त को होगी
- संभावित सजा: 10 साल से आजीवन कारावास
- 4 केसों में से पहला: अभी भी 3 मामले बाकी
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?
राजनीतिक पहचान:
- JD(S) के पूर्व सांसद
- पूर्व PM HD देवगौड़ा के पोते
- हासन से लोकसभा सांसद रहे (हार गए 2024 में)
- HD रेवन्ना (कर्नाटक के पूर्व मंत्री) के बेटे
आज क्या हुआ कोर्ट में?
फैसले की घोषणा
बेंगलुरु की विशेष अदालत में आज शुक्रवार को जज संतोष गजानन भट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। प्रज्वल रेवन्ना को 48 वर्षीय महिला कामगार के रेप केस में सभी आरोपों में दोषी करार दिया गया।
कोर्ट में रो पड़े प्रज्वल
कोर्ट में मौजूद वकीलों के अनुसार: जब जज ने फैसला सुनाया तो प्रज्वल रेवन्ना अदालत में ही रो पड़े। इसके तुरंत बाद उन्हें वापस परप्पना अग्रहारा जेल भेज दिया गया।
किन धाराओं में मिली सजा?
प्रज्वल रेवन्ना को निम्नलिखित धाराओं में दोषी ठहराया गया:
1. IPC धारा 376(2)(K) – प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा रेप
2. IPC धारा 376(2)(N) – बार-बार रेप
3. IPC धारा 354(A) – कपड़े उतारने के इरादे से हमला
4. IPC धारा 354(C) – ताक-झांक (वॉयरिज्म)
5. IPC धारा 506 – साक्ष्यों को गायब करना
6. IT Act धारा 66(E) – निजता का उल्लंघन
कितनी सजा हो सकती है?
विशेष सरकारी वकील BN जगदीश के अनुसार:
“इन धाराओं के तहत कम से कम 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।”
सजा की सुनवाई: कल 2 अगस्त को
अदालत कुछ सबूतों की जाँच के बाद अंतिम सजा तय करेगी। यह भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होगा।
केस की पूरी कहानी – Timeline
2021: घटना हुई
- होलेनरसीपुर फार्महाउस में रेप
- बेंगलुरु के HD रेवन्ना के घर में दूसरी घटना
- प्रज्वल ने दोनों घटनाओं का वीडियो बनाया
जून 2022: पहली बार आरोप सामने आए
- मीडिया को गैग ऑर्डर मिला
- मामला दब गया
28 अप्रैल 2024: पीड़िता ने FIR दर्ज कराई
- 48 वर्षीय महिला कामगार ने शिकायत की
- तीन अन्य महिलाओं ने भी केस किए
26 अप्रैल 2024: हासन में चुनाव के बाद फरार
- वोटिंग खत्म होते ही जर्मनी भागे
- राजनयिक पासपोर्ट का गलत इस्तेमाल
मई 2024: पेन ड्राइव कांड
- हासन में हजारों पेन ड्राइव वायरल
- 2960 अश्लील वीडियो क्लिप्स
- चुनाव में 40,000+ वोटों से हार
31 मई 2024: गिरफ्तारी
- बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार
- HD देवगौड़ा के कहने पर वापस आए
2 मई 2025: सुनवाई शुरू
- रोजाना कोर्ट में बैठक
- 26 गवाहों से पूछताछ
1 अगस्त 2025: दोषी करार
सबूतों का खजाना – प्रॉसिक्यूशन का मजबूत केस
मजबूत एविडेंस:
- 1632 पेजों की चार्जशीट
- 183 डॉक्यूमेंट्स
- इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल सबूत
- 26 गवाह
फॉरेंसिक सबूत:
- वीडियो में प्रज्वल की पुष्टि
- DNA एनालिसिस पॉजिटिव
- पीड़िता की साड़ी पर निशान
- वीडियो में साफ दिख रहा विरोध और रोना
परिवारिक राजनीतिक स्कैंडल
HD रेवन्ना (पिता) भी फंसे
- पीड़िता के अपहरण का आरोप
- पत्नी भवानी रेवन्ना भी शामिल
- SIT के सामने पेश होने से रोकने की कोशिश
- अभी जमानत पर बाहर
HD देवगौड़ा का रुख
- पोते से कहा था “कानून का सामना करें”
- सार्वजनिक रूप से वापसी की अपील की
अभी भी बाकी हैं 3 मामले
यह सिर्फ चार मामलों में से पहला है। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ अभी भी तीन अन्य यौन शोषण के मामले लंबित हैं। इन केसों में भी सजा हो सकती है।
महिला सुरक्षा के लिए मिसाल
महिला पुलिस टीम की भूमिका:
- SIT की 4 महिला अधिकारी
- एयरपोर्ट से गिरफ्तारी में अहम भूमिका
- केआर नगर फार्महाउस से पीड़िता को बचाया
- आज भी कोर्ट में सुरक्षा प्रदान की
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य
JD(S) पर असर:
- पार्टी की छवि को बड़ा नुकसान
- देवगौड़ा परिवार की प्रतिष्ठा पर दाग
- कर्नाटक की राजनीति में भूचाल
कानूनी मिसाल:
- राजनेताओं के लिए चेतावनी
- महिला सुरक्षा कानूनों की मजबूती
- न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता
न्याय की जीत
प्रज्वल रेवन्ना केस भारत में “कोई भी कानून से ऊपर नहीं” का सबूत है। चाहे कितना भी बड़ा राजनीतिक परिवार हो, न्याय के सामने सबको झुकना पड़ता है।
कल 2 अगस्त को जब सजा सुनाई जाएगी, तो यह दिखाएगा कि भारतीय न्यायपालिका महिलाओं के साथ खड़ी है।
यह केस हर उस महिला के लिए उम्मीद की किरण है जो न्याय की राह देख रही है। प्रज्वल रेवन्ना का दोषी करार दिया जाना महिला सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत है।
अगली अपडेट: कल सजा की सुनवाई के बाद
अन्य केसों की स्थिति: तीन मामले अभी भी कोर्ट में लंबित
यह खबर बेंगलुरु कोर्ट के आधिकारिक फैसले और विशेष सरकारी वकील के बयान पर आधारित है।





