नेपाल में प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बीच उभरा युवा नेता
नेपाल में जेन-जेड प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद, काठमांडू के मेयर बालेंद्र “बालेन” शाह युवाओं के बीच प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं। 34 वर्षीय यह इंजीनियर-रैपर-राजनेता नेपाल की राजनीति में एक नई लहर का प्रतीक बन गया है।
बालेन शाह कौन हैं?
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
बालेंद्र शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू के नारदेवी में हुआ था। वह एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर, संगीत निर्देशक, कवि और राजनेता हैं। वह वर्तमान में नेपाल की राजधानी काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में सेवा कर रहे हैं और काठमांडू के मेयर के रूप में चुने जाने वाले पहले निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
संगीत करियर
शाह 2010 के दशक की शुरुआत से नेपाली हिप-हॉप का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने “Raw Barz” के नाम से रैप किया और नेपाली युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। उनके गाने सामाजिक मुद्दों और युवाओं की समस्याओं को उजागर करते थे।
राजनीतिक सफर
2022 में ऐतिहासिक जीत
2022 के स्थानीय चुनाव में, शाह ने नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार सिर्जना सिंह और CPN (UML) के उम्मीदवार केशव स्थापित को हराया। यह जीत नेपाल की पारंपरिक राजनीति के लिए एक बड़ा झटका थी।
मेयर के रूप में उपलब्धियां
उन्होंने डिजिटल टूल्स का उपयोग किया, हरित स्थान जोड़े, पुरानी विरासत स्थलों को बहाल किया, और शहरी मामलों में लोगों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की।
वर्तमान संकट में भूमिका
जेन-जेड प्रदर्शनों का समर्थन
काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेंद्र शाह ने भ्रष्टाचार और सरकार के हाल के सामाजिक मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार की जेन-जेड-नेतृत्व वाली रैली का समर्थन व्यक्त किया है।
एक फेसबुक पोस्ट में, शाह ने कहा कि हालांकि वह आयोजकों द्वारा निर्धारित आयु सीमा के कारण भाग नहीं ले सकते, लेकिन प्रदर्शनकारियों के साथ उनका “पूरा समर्थन” है।
नेपाल में जेन-जेड विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शनों की शुरुआत
प्रदर्शन शुरू में सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों द्वारा कथित भ्रष्टाचार और धन के प्रदर्शन की सार्वजनिक आलोचना के साथ-साथ सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोपों से शुरू हुए।
सितंबर 2025 में, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, जिन्हें जेन जेड विरोध के रूप में भी जाना जाता है, मुख्यतः छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में नेपाल भर में हुए।
सामाजिक मीडिया प्रतिबंध का विरोध
नेपाल की सरकार ने लगभग दो दर्जन सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध हटा दिया है, जिसके बाद देश भर में युवा नेतृत्व वाले प्रदर्शन हुए थे जिसमें सोमवार को राजधानी काठमांडू में एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
प्रधानमंत्री का इस्तीफा और परिणाम
के.पी. ओली का इस्तीफा
नेपाल के प्रधानमंत्री ने युवा नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने के बाद इस्तीफा दे दिया है, जो सरकार के सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध, व्यापक भ्रष्टाचार और खराब आर्थिक अवसरों से शुरू हुआ था।
प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुस गए और उसमें आग लगा दी।
हिंसक झड़पें
नेपाली प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने 9 सितंबर को हिंसक, युवा नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दे दिया जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।
बालेन शाह: युवाओं की पसंद
नई राजनीति का चेहरा
सिविल इंजीनियर से रैपर बने बालेंद्र शाह, जो बालेन शाह के नाम से प्रसिद्ध हैं, अब नेपाल के युवाओं के लिए आशा की किरण के रूप में एक रातोंरात सनसनी बन गए हैं।
युवाओं के साथ जुड़ाव
उनका संदेश देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है जिसका नेतृत्व जेन जेड युवा कर रहे हैं जो भ्रष्टाचार, स्वतंत्रता पर प्रतिबंध और पुलिस हिंसा के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
चुनौतियां और भविष्य
राजनीतिक प्रतिष्ठान के साथ टकराव
नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य में दो असंभावित प्रतिद्वंद्वियों के बीच शब्दों और कार्यों का युद्ध छिड़ गया है – 34 वर्षीय मेयर बालेन, एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर से रैपर से राजनेता बने, और 72 वर्षीय खड्ग प्रसाद शर्मा ओली, नेपाल के अनुभवी दो बार के प्रधानमंत्री।
आगे की राह
बालेन शाह का राजनीतिक सफर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता उन्हें नेपाल की राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत दावेदार बनाती है। उनका निर्दलीय स्टांस और भ्रष्टाचार विरोधी नीतियां नई पीढ़ी को आकर्षित करती हैं।
बालेन शाह की कहानी एक ऐसे युवा नेता की है जिसने पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है। रैपर से मेयर बने इस व्यक्तित्व ने साबित किया है कि जनता के मुद्दों को उठाने वाला कोई भी व्यक्ति राजनीतिक सफलता पा सकता है। नेपाल के वर्तमान राजनीतिक संकट में, वह युवाओं की उम्मीदों का केंद्र बन गए हैं और भविष्य में प्रधानमंत्री पद के लिए एक संभावित उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे हैं।
लेखक की टिप्पणी: यह आर्टिकल नेपाल के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।





