Bharat Bandh: 9 जुलाई 2025, बुधवार को देशभर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का ऐलान किया गया था। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन देश की 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने मिलकर किया था। इनका विरोध मुख्य रूप से चार नई श्रम संहिताओं, निजीकरण, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई को लेकर था।
राजधानी दिल्ली में हालांकि जनजीवन सामान्य रहा। बड़े बाजार पूरी तरह खुले रहे और मेट्रो, बस सेवाएं भी बिना किसी रुकावट के चलती रहीं। कुछ अस्पतालों में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर और आम सभाएं करके अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन इलाज जैसी जरूरी सेवाएं बाधित नहीं हुईं।
जंतर मंतर पर ट्रेड यूनियन से जुड़े लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जहां एक ओर दिल्ली में हलचल सामान्य रही, वहीं पश्चिम बंगाल में हालात तनावपूर्ण नजर आए। कुछ जगहों पर वामपंथी कार्यकर्ताओं और तृणमूल समर्थकों के बीच झड़प हुई। पुलिस को भी बीच-बचाव करना पड़ा।
केरल, जो कि वामपंथी शासित राज्य है, वहां मंगलवार की रात से ही हड़ताल का प्रभाव दिखना शुरू हो गया था। राज्य के अधिकतर हिस्सों में परिवहन, बाजार और कार्यालय पूरी तरह बंद रहे।
बिहार में विपक्षी दलों ने चक्काजाम किया। कई राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए और कुछ जगहों पर ट्रेनों को भी रोका गया। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
झारखंड में ट्रेड यूनियनों ने दावा किया कि कोयला, बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ। ओडिशा और पुडुचेरी जैसे राज्यों में भी हड़ताल का असर देखा गया।
इस भारत बंद को समर्थन देने वालों में शामिल थे:
इस हड़ताल का मकसद केवल विरोध करना नहीं था, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस मांगें थीं:
इन मांगों को लेकर पिछले साल ट्रेड यूनियनों ने श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को 17 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा था।
कुल मिलाकर, यह भारत बंद पूरे देश में मिला-जुला रहा।
कुछ राज्यों में व्यापक बंद और प्रदर्शन दिखा, तो कई हिस्सों में जनजीवन सामान्य बना रहा। देश के वाणिज्यिक बाजारों ने बंद को समर्थन नहीं दिया, जिससे व्यापार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
Q1. भारत बंद 2025 किसने बुलाया था?
👉 यह बंद देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा मिलकर बुलाया गया था। इसमें AICCTU, CITU और संयुक्त किसान मोर्चा जैसे संगठन भी शामिल थे।
Q2. क्या भारत बंद से पूरे देश में जनजीवन प्रभावित हुआ?
👉 नहीं, भारत बंद का असर पूरे देश में एकसमान नहीं रहा। बंगाल, केरल, पुडुचेरी और बिहार जैसे राज्यों में इसका असर देखा गया, लेकिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में जनजीवन सामान्य रहा और बाजार खुले रहे।
Q3. हड़ताल की प्रमुख मांगें क्या थीं?
👉 प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार से कई मांगें कीं, जिनमें शामिल हैं:
Q4. क्या भारत बंद के दौरान किसी राज्य में हिंसा हुई?
👉 हड़ताल ज्यादातर शांतिपूर्ण रही, लेकिन पश्चिम बंगाल में कुछ जगहों पर वामपंथी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आईं।
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