- 2016 T20I में धोनी का जादूगरी भरा स्टंपिंग
- जेम्स फॉकनर का आउट होना आज भी है चर्चा का विषय
- एलेक्स कैरी ने कहा – “धोनी एक जीनियस है”
- 195 स्टंपिंग्स का विश्व रिकॉर्ड
धोनी की इंस्टिंक्ट ने बनाया इतिहास
महेंद्र सिंह धोनी का नाम क्रिकेट की दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। लेकिन 29 जनवरी 2016 को मेलबर्न में खेले गए भारत-ऑस्ट्रेलिया T20I मैच में उन्होंने जो कमाल दिखाया, वो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच गर्म बहस का मुद्दा है।
घटना का विवरण: जब धोनी ने दिखाई अपनी जादूगरी
उस दिन ऑस्ट्रेलिया 184 रनों का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में था। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे जेम्स फॉकनर ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले को छूकर धोनी के पैड से टकराई और सीधे स्टंप पर जा लगी। फॉकनर अपनी क्रीज के बाहर था और इंस्टेंट आउट हो गया।
दिलचस्प बात यह थी कि धोनी ने अपने दस्ताने का इस्तेमाल ही नहीं किया था। यह पूरी तरह से उनके पैड से रिफ्लेक्शन का मामला था।
“यह शायद जानबूझकर था क्योंकि यह MS धोनी है”
ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने एक YouTube वीडियो में इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “धोनी एक जीनियस है, इसलिए शायद उसने यह जानबूझकर किया था। यह शायद इंटेंशनल था क्योंकि यह MS धोनी है।”
यह बयान दिखाता है कि दुनियाभर के क्रिकेटर धोनी की क्विक थिंकिंग और विकेटकीपिंग स्किल्स का कितना सम्मान करते हैं।
धोनी के रिकॉर्ड्स: आंकड़े बोलते हैं
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में स्टंपिंग्स के बादशाह
- कुल स्टंपिंग्स: 195 (सभी फॉर्मेट मिलाकर)
- ODI में: 123 स्टंपिंग्स
- T20I में: 34 स्टंपिंग्स
- टेस्ट में: 38 स्टंपिंग्स
यह आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि धोनी सिर्फ भाग्य पर निर्भर नहीं रहते थे, बल्कि उनकी स्किल और एक्सपीरियंस का यह नतीजा था।
तीनों ICC ट्रॉफियों के विजेता कप्तान
धोनी का करियर सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं था। उन्होंने भारतीय टीम को तीनों ICC ट्रॉफियां दिलवाईं:
- 2007 T20 World Cup (दक्षिण अफ्रीका)
- 2011 Cricket World Cup (घर में)
- 2013 Champions Trophy (इंग्लैंड)
विशेषज्ञों की राय: स्किल या लक
क्रिकेट विश्लेषकों का मत
अधिकतर क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भले ही यह घटना एक्सीडेंटल लगे, लेकिन धोनी की प्रेजेंस ऑफ माइंड और बॉडी पोजिशनिंग का इसमें बड़ा हाथ था।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर कामरान अकमल का कहना है, “धोनी हमेशा गेम के अंदर रहते थे। उनकी बॉडी लैंग्वेज और पोजिशनिंग इतनी परफेक्ट होती थी कि ऐसे ‘एक्सीडेंट्स’ अक्सर होते रहते थे।”
फैन्स की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आज भी यह वीडियो वायरल होता रहता है। फैन्स के दो ग्रुप हैं:
- “Captain Cool का कमाल” – जो मानते हैं कि यह पूरी तरह स्किल था
- “लकी एक्सीडेंट” – जो इसे केवल भाग्य मानते हैं
धोनी की विकेटकीपिंग तकनीक
अनूठी स्टाइल और एप्रोच
धोनी की विकेटकीपिंग में कुछ खास बातें थीं:
1. लाइटनिंग फास्ट रिफ्लेक्सेस: गेंद को डिफ्लेक्ट करने की अद्भुत क्षमता
2. कैल्कुलेटेड रिस्क: हमेशा राइट पोजिशन में रहना
3. गेम अवेयरनेस: बल्लेबाज की हरकतों पर कड़ी नजर
4. अंडर प्रेशर परफॉर्मेंस: बड़े मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन
IPL में भी दिखाई जादूगरी
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए भी धोनी ने कई बार ऐसे ही कमाल के स्टंपिंग्स किए हैं। 2023 IPL में 42 की उम्र में भी उनकी रिफ्लेक्सेस उतनी ही तेज थीं।
स्किल और एक्सपीरियंस का कॉम्बिनेशन
अंतिम फैसला
फॉकनर वाला स्टंपिंग चाहे एक्सीडेंटल हो या इंटेंशनल, यह धोनी के एक्सेप्शनल करियर का एक हिस्सा है। उनके 195 स्टंपिंग्स का रिकॉर्ड साबित करता है कि वह सिर्फ भाग्य पर निर्भर नहीं थे।
एलेक्स कैरी के शब्दों में, “यह MS धोनी है, इसलिए यह इंटेंशनल होना चाहिए।” यह बयान दिखाता है कि दुनियाभर के क्रिकेटर उन्हें एक जीनियस मानते हैं।
धोनी की लेगेसी
आज भी जब कोई विकेटकीपर कमाल का स्टंपिंग करता है, तो उसकी तुलना धोनी से की जाती है। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
Captain Cool का यह जादू आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।





