मुख्य बातें (Key Highlights):
- Income Tax Bill 2025 को औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया
- सोमवार को नया संशोधित बिल पेश किया जाएगा
- मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए टैक्स में 50% तक की कमी
- छोटे व्यापारियों और MSMEs को मिलेगी बड़ी राहत
क्यों वापस लिया गया पुराना बिल?
13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किए गए Income Tax Bill 2025 को सरकार ने औपचारिक रूप से वापस ले लिया है। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण यह है कि सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को शामिल करके एक बेहतर और स्पष्ट बिल तैयार किया जा सके।
सेलेक्ट कमेटी की भूमिका
BJP सांसद बैजयंत जय पांडा की अध्यक्षता में गठित सेलेक्ट कमेटी ने इस बिल की गहन समीक्षा की है। कमेटी की अधिकांश सिफारिशों को नए बिल में शामिल किया जाएगा।
नए Income Tax Bill 2025 की विशेषताएं
1. टैक्स स्ट्रक्चर में 50% सरलीकरण
- वर्तमान Income Tax Act 1961 में 4,000 से अधिक संशोधन हो चुके हैं
- इसमें 5 लाख से अधिक शब्द हैं जो इसे जटिल बनाते हैं
- नया बिल 50% तक सरल होगा और आम नागरिकों के लिए समझना आसान होगा
2. मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत
Section 87A के तहत टैक्स रिबेट में वृद्धि:
- पहले: 7 लाख तक की आय पर रिबेट
- अब: 12 लाख तक की आय पर रिबेट
- अधिकतम रिबेट राशि: 25,000 से बढ़कर 60,000 रुपए
3. छोटे व्यापारियों और MSMEs के लिए फायदे
- कानूनी और वित्तीय जटिलताओं से मुक्ति
- अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचाव
- व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business)
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
घरेलू बचत और निवेश में वृद्धि
नई टैक्स संरचना से:
- मध्यम वर्गीय परिवारों के हाथ में अधिक पैसा रहेगा
- घरेलू उपभोग में वृद्धि होगी
- बचत और निवेश की दर बढ़ेगी
टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया में सुधार
- आम नागरिकों के लिए टैक्स भरना होगा आसान
- छोटे व्यापारियों को कम परेशानी
- डिजिटल प्रक्रिया में और भी सुधार
विशेषज्ञों की राय
बैजयंत जय पांडा के अनुसार, “यह नया कानून भारत की दशकों पुरानी टैक्स संरचना को सरल बनाएगा और कानूनी भ्रम को कम करेगा।”
मुख्य लाभ:
- कानूनी जटिलताओं में कमी
- व्यक्तिगत करदाताओं के लिए राहत
- MSMEs की समस्याओं का समाधान
- न्यायसंगत और समान कर व्यवस्था
कब लागू होगा नया बिल?
- सोमवार को संसद में नया बिल पेश किया जाएगा
- सभी संशोधन और सुझाव शामिल किए गए हैं
- पारित होने के बाद Income Tax Act 1961 की जगह लेगा
वित्त मंत्रालय का बयान
वित्त मंत्रालय के अनुसार, “यह नई व्यवस्था मध्यम वर्गीय और कामकाजी परिवारों पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं डालेगी।”
Income Tax Bill 2025 का वापस लिया जाना और नए संशोधित बिल का आना एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल टैक्स प्रणाली को सरल बनाएगा बल्कि आम लोगों, खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान करेगा।
12 लाख तक की आय पर टैक्स रिबेट और 60,000 रुपए तक की अधिकतम रिबेट से करोड़ों भारतीयों को फायदा होगा। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और लोगों की खुशहाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह लेख सरकारी स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। अंतिम नियम और शर्तों के लिए आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें।





