Aisa Cup 2025

एशिया कप T20 2025 में भारत बनाम पाकिस्तान का मैच न केवल दो अंक के लिए होगा, बल्कि मई 2025 में हुए चार दिवसीय संघर्ष के बाद के तनावपूर्ण माहौल की छाया में खेला जाएगा। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का मानना है कि राजनीतिक तनाव इस मैच पर भारी पड़ सकता है।

विवादास्पद समय में क्रिकेट

प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट लेखक कुदीप लाल के अनुसार, “भारत में लोग इस मैच के फिक्स्चर की पुष्टि के बाद से ही काफी गुस्से में हैं।” उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंधों के इतने तनावपूर्ण होने के दौरान यह मैच खेलना उचित नहीं है।

BCCI की आलोचना

लाल ने आगे कहा, “यह भारत-पाकिस्तान मैच का सबसे बुरा समय है।” उन्होंने BCCI पर आरोप लगाया कि बोर्ड इस हाई-प्रोफाइल मैच से होने वाली कमाई का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, दुनिया का सबसे धनी और शक्तिशाली क्रिकेट बोर्ड आसानी से इस मैच को स्किप कर सकता था।

द्विपक्षीय संबंधों का प्रभाव

वर्तमान राजनीतिक माहौल के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले मैचों में दिखे मित्रतापूर्ण व्यवहार और “ब्रोमांस” इस बार नजर नहीं आएगा।

पिछले मैचों की यादें

सितंबर 2023 के एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान:

  • विराट कोहली का पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबदबा
  • शाहीन शाह अफरीदी द्वारा जसप्रीत बुमराह को उनके नवजात बेटे के लिए गिफट हैम्पर देना
  • कोहली और शादाब खान के बीच दोस्ती के पल

विशेषज्ञों की राय

पूर्व ICC मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के प्रमुख सामी उल हसन का कहना है, “इस बार दोस्ती और सौहार्द्र का प्रदर्शन नहीं होगा क्योंकि कुछ भी गलत तरीके से पेश किया जा सकता है।”

खिलाड़ियों पर दबाव

हसन के अनुसार, “खेल और राजनीति को कभी अलग नहीं किया जा सकता, लेकिन एथलीट राजनीतिज्ञ नहीं हैं, इसलिए उनसे राजनयिक की तरह व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।”

प्रशंसकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

भारतीय प्रशंसकों की चिंता

भारतीय प्रशंसकों में इस मैच को लेकर गुस्सा है और वे मानते हैं कि यह सिर्फ पैसे कमाने का जरिया है।

पाकिस्तानी प्रशंसकों का नजरिया

पाकिस्तानी प्रशंसक आसद खान का कहना है, “राजनीति को क्रिकेट के साथ नहीं मिलाना चाहिए। क्रिकेट हमेशा तनाव कम करने में मदद करता रहा है।”

मैच का महत्व

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मैच एक दुर्लभ भारत-पाकिस्तान मुकाबला होगा, क्योंकि द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला वर्षों से बंद है और अब ये टीमें केवल बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं।

रविवार को जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी, तो केवल क्रिकेट नहीं बल्कि दशकों पुरानी कड़वी प्रतिद्वंद्विता का नया अध्याय शुरू होगा। हालांकि प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि खिलाड़ी राजनीतिक माहौल से ऊपर उठकर खेल की भावना को बनाए रखेंगे।


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